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Currently viewing: Parva 2 -
Chapter 2.16
(51 verses)
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Sanskrit Text
यथासमयमाज्ञाय
तदा
स
नृपसत्तमः
।
द्वाभ्यामेकं
फलं
प्रादात्पत्नीभ्यां
भरतर्षभ
॥
Padaccheda (Word Analysis)
यथासमयम् | आज्ञाय | तदा | स | नृप + सत्तम
द्वाभ्याम् | एकं | फलं | प्रादात् | पत्नीभ्यां | भरत + ऋषभ
द्वाभ्याम् | एकं | फलं | प्रादात् | पत्नीभ्यां | भरत + ऋषभ