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Currently viewing: Parva 13 -
Chapter 13.72
(48 verses)
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Sanskrit Text
मृत्युकाले
सहस्राक्ष
यां
वृत्तिमनुकाङ्क्षते
।
लोकान्बहुविधान्दिव्यान्यद्वास्य
हृदि
वर्तते
॥
Padaccheda (Word Analysis)
मृत्यु + काल | सहस्राक्ष | यां | वृत्तिम् | अनुकाङ्क्षते
लोकान् | बहुविधान् | दिव्यान् | यद् | वा + इदम् | हृदि | वर्तते
लोकान् | बहुविधान् | दिव्यान् | यद् | वा + इदम् | हृदि | वर्तते