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Currently viewing: Parva 13 -
Chapter 13.72
(48 verses)
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Sanskrit Text
यश्चात्मविक्रयं
कृत्वा
गाः
क्रीत्वा
संप्रयच्छति
।
यावतीः
स्पर्शयेद्गा
वै
तावत्तु
फलमश्नुते
।
लोम्नि
लोम्नि
महाभाग
लोकाश्चास्याक्षयाः
स्मृताः
॥
Padaccheda (Word Analysis)
दायाद्य + लभ् | अर्थैर् | यो | गाः | क्रीत्वा | सम्प्रयच्छति
यावतीः | स्पर्शयेद् | गा | वै | तावत् | तु | फलम् | अश्नुते
लोम्नि | लोम्नि | महाभाग | लोक + च + इदम् + अक्षय | स्मृताः
यावतीः | स्पर्शयेद् | गा | वै | तावत् | तु | फलम् | अश्नुते
लोम्नि | लोम्नि | महाभाग | लोक + च + इदम् + अक्षय | स्मृताः