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Currently viewing: Parva 13 -
Chapter 13.72
(48 verses)
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Sanskrit Text
महत्फलं
प्राप्नुते
स
द्विजाय;
दत्त्वा
दोग्ध्रीं
विधिनानेन
धेनुम्
।
नित्यं
दद्यादेकभक्तः
सदा
च;
सत्ये
स्थितो
गुरुशुश्रूषिता
च
॥
Padaccheda (Word Analysis)
महत् | फलं | प्राप्नुते | स | द्विजाय | दत्त्वा | दोग्ध्रीं | विधि + इदम् | धेनुम्
नित्यं | दद्याद् | एक + भक्त | सदा | च | सत्ये | स्थितो | गुरु + शुश्रूषितृ | च
नित्यं | दद्याद् | एक + भक्त | सदा | च | सत्ये | स्थितो | गुरु + शुश्रूषितृ | च