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Currently viewing: Parva 13 -
Chapter 13.72
(48 verses)
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Sanskrit Text
अक्रोधनो
गोषु
तथा
द्विजेषु;
धर्मे
रतो
गुरुशुश्रूषकश्च
।
यावज्जीवं
सत्यवृत्ते
रतश्च;
दाने
रतो
यः
क्षमी
चापराधे
॥
Padaccheda (Word Analysis)
अ + क्रोधन | गोषु | तथा | द्विजेषु | धर्मे | रतो | गुरु + शुश्रूषक + च
यावज्जीवं | सत्य + वृत्त | रम् + च | दाने | रतो | यः | क्षमी | च + अपराध
यावज्जीवं | सत्य + वृत्त | रम् + च | दाने | रतो | यः | क्षमी | च + अपराध