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Currently viewing: Parva 12 -
Chapter 12.49
(80 verses)
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Sanskrit Text
जमदग्निधेन्वास्ते
वत्समानिन्युर्भरतर्षभ
।
अज्ञातं
कार्तवीर्यस्य
हैहयेन्द्रस्य
धीमतः
॥
Padaccheda (Word Analysis)
जमदग्नि + धेनु + तद् | वत्सम् | आनिन्युर् | भरत + ऋषभ
अज्ञातं | कार्तवीर्यस्य | हैहय + इन्द्र | धीमतः
अज्ञातं | कार्तवीर्यस्य | हैहय + इन्द्र | धीमतः