Navigate to Verse
Currently viewing: Parva 12 -
Chapter 12.49
(80 verses)
Powered by Aksharamukha
Search Mahābhārata
❖ ❖ ❖
Sanskrit Text
जनिष्यते
हि
ते
भ्राता
ब्रह्मभूतस्तपोधनः
।
विश्वं
हि
ब्रह्म
तपसा
मया
तत्र
समर्पितम्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
जनिष्यते | हि | ते | भ्राता | ब्रह्मन् + भू + तपोधन
विश्वं | हि | ब्रह्म | तपसा | मया | तत्र | समर्पितम्
विश्वं | हि | ब्रह्म | तपसा | मया | तत्र | समर्पितम्