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Currently viewing: Parva 12 -
Chapter 12.327
(107 verses)
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Sanskrit Text
प्रलयं
न
विजानन्ति
आत्मनः
परिनिर्मितम्
।
ततस्ते
नास्थिता
मार्गं
ध्रुवमक्षयमव्ययम्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
प्रलयं | न | विजानन्ति | आत्मनः | परिनिर्मितम्
ततस् + तद् | न + आस्था | मार्गं | ध्रुवम् | अक्षयम् | अव्ययम्
ततस् + तद् | न + आस्था | मार्गं | ध्रुवम् | अक्षयम् | अव्ययम्