Navigate to Verse
Currently viewing: Parva 12 -
Chapter 12.323
(57 verses)
Powered by Aksharamukha
Search Mahābhārata
❖ ❖ ❖
Sanskrit Text
व्रतावसाने
सुशुभान्नरान्ददृशिरे
वयम्
।
श्वेतांश्चन्द्रप्रतीकाशान्सर्वलक्षणलक्षितान्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
व्रत + अवसान | सु + शुभ + नर | ददृशिरे | वयम्
श्वेत + चन्द्र + प्रतीकाश | सर्व + लक्षण + लक्षय्
श्वेत + चन्द्र + प्रतीकाश | सर्व + लक्षण + लक्षय्