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Currently viewing: Parva 12 -
Chapter 12.312
(46 verses)
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Sanskrit Text
मोक्षधर्मेषु
कुशलो
भगवान्प्रब्रवीतु
मे
।
यथा
मे
मनसः
शान्तिः
परमा
संभवेत्प्रभो
॥
Padaccheda (Word Analysis)
मोक्ष + धर्म | कुशलो | भगवान् | प्रब्रवीतु | मे
यथा | मे | मनसः | शान्तिः | परमा | सम्भवेत् | प्रभो
यथा | मे | मनसः | शान्तिः | परमा | सम्भवेत् | प्रभो