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Currently viewing: Parva 12 -
Chapter 12.127
(10 verses)
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Sanskrit Text
षष्टिं
वर्षसहस्राणि
सोऽतप्यद्गौतमस्तपः
।
तमुग्रतपसं
युक्तं
तपसा
भावितं
मुनिम्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
षष्टिं | वर्ष + सहस्र | सो | ऽतप्यद् | गौतम + तपस्
तम् | उग्र + तपस् | युक्तं | तपसा | भावितं | मुनिम्
तम् | उग्र + तपस् | युक्तं | तपसा | भावितं | मुनिम्