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Currently viewing: Parva 10 -
Chapter 10.6
(34 verses)
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Sanskrit Text
शास्त्रदृष्टानवध्यान्यः
समतीत्य
जिघांसति
।
स
पथः
प्रच्युतो
धर्म्यात्कुपथं
प्रतिपद्यते
॥
Padaccheda (Word Analysis)
शास्त्र + दृश् | अवध्यान् | यः | समतीत्य | जिघांसति
स | पथः | प्रच्युतो | धर्म्यात् | कुपथं | प्रतिपद्यते
स | पथः | प्रच्युतो | धर्म्यात् | कुपथं | प्रतिपद्यते