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Currently viewing: Parva 1 -
Chapter 1.99
(49 verses)
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Sanskrit Text
पुत्रं
जनय
सुश्रोणि
देवराजसमप्रभम्
।
स
हि
राज्यधुरं
गुर्वीमुद्वक्ष्यति
कुलस्य
नः
॥
Padaccheda (Word Analysis)
पुत्रं | जनय | सुश्रोणि | देवराज + सम + प्रभा
स | हि | राज्य + धुर् | गुर्वीम् | उद्वक्ष्यति | कुलस्य | नः
स | हि | राज्य + धुर् | गुर्वीम् | उद्वक्ष्यति | कुलस्य | नः