Navigate to Verse
Currently viewing: Parva 1 -
Chapter 1.99
(49 verses)
Powered by Aksharamukha
Search Mahābhārata
❖ ❖ ❖
Sanskrit Text
समागमनमाकाङ्क्षन्निति
सोऽन्तर्हितो
मुनिः
।
ततोऽभिगम्य
सा
देवी
स्नुषां
रहसि
संगताम्
।
धर्म्यमर्थसमायुक्तमुवाच
वचनं
हितम्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
समागमनम् | आकाङ्क्षन्न् | इति | सो | ऽन्तर्हितो | मुनिः
ततो | ऽभिगम्य | सा | देवी | स्नुषां | रहसि | संगताम्
धर्म्यम् | अर्थ + समायुज् | उवाच | वचनं | हितम्
ततो | ऽभिगम्य | सा | देवी | स्नुषां | रहसि | संगताम्
धर्म्यम् | अर्थ + समायुज् | उवाच | वचनं | हितम्