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Currently viewing: Parva 1 -
Chapter 1.99
(49 verses)
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Sanskrit Text
स
वेदान्विब्रुवन्धीमान्मातुर्विज्ञाय
चिन्तितम्
।
प्रादुर्बभूवाविदितः
क्षणेन
कुरुनन्दन
॥
Padaccheda (Word Analysis)
स | वेदान् | विब्रुवन् | धीमान् | मातुर् | विज्ञाय | चिन्तितम्
प्रादुर्भू + अविदित | क्षणेन | कुरु + नन्दन
प्रादुर्भू + अविदित | क्षणेन | कुरु + नन्दन