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Currently viewing: Parva 1 -
Chapter 1.99
(49 verses)
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Sanskrit Text
अर्थमर्थानुबन्धं
च
धर्मं
धर्मानुबन्धनम्
।
कामं
कामानुबन्धं
च
विपरीतान्पृथक्पृथक्
।
यो
विचिन्त्य
धिया
सम्यग्व्यवस्यति
स
बुद्धिमान्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
अर्थम् | अर्थ + अनुबन्ध | च | धर्मं | धर्म + अनुबन्धन
कामं | काम + अनुबन्ध | च | विपरीतान् | पृथक् | पृथक्
यो | विचिन्त्य | धिया | सम्यग् | व्यवस्यति | स | बुद्धिमान्
कामं | काम + अनुबन्ध | च | विपरीतान् | पृथक् | पृथक्
यो | विचिन्त्य | धिया | सम्यग् | व्यवस्यति | स | बुद्धिमान्