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Currently viewing: Parva 1 -
Chapter 1.99
(49 verses)
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Sanskrit Text
यो
व्यस्य
वेदांश्चतुरस्तपसा
भगवानृषिः
।
लोके
व्यासत्वमापेदे
कार्ष्ण्यात्कृष्णत्वमेव
च
॥
Padaccheda (Word Analysis)
यो | व्यस्य | वेद + चतुर् + तपस् | भगवान् | ऋषिः
लोके | व्यास + त्व | आपेदे | कार्ष्ण्यात् | कृष्ण + त्व | एव | च
लोके | व्यास + त्व | आपेदे | कार्ष्ण्यात् | कृष्ण + त्व | एव | च