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Currently viewing: Parva 1 -
Chapter 1.93
(46 verses)
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Sanskrit Text
अयं
तु
यत्कृते
यूयं
मया
शप्ताः
स
वत्स्यति
।
द्यौस्तदा
मानुषे
लोके
दीर्घकालं
स्वकर्मणा
॥
Padaccheda (Word Analysis)
अयं | तु | यत्कृते | यूयं | मया | शप्ताः | स | वत्स्यति
दिव् + तदा | मानुषे | लोके | दीर्घ + काल | स्व + कर्मन्
दिव् + तदा | मानुषे | लोके | दीर्घ + काल | स्व + कर्मन्