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Currently viewing: Parva 1 -
Chapter 1.93
(46 verses)
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Sanskrit Text
अस्याः
क्षीरं
पिबेन्मर्त्यः
स्वादु
यो
वै
सुमध्यमे
।
दश
वर्षसहस्राणि
स
जीवेत्स्थिरयौवनः
॥
Padaccheda (Word Analysis)
अस्याः | क्षीरं | पिबेन् | मर्त्यः | स्वादु | यो | वै | सुमध्यमे
दश | वर्ष + सहस्र | स | जीवेत् | स्थिर + यौवन
दश | वर्ष + सहस्र | स | जीवेत् | स्थिर + यौवन