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Currently viewing: Parva 1 -
Chapter 1.93
(46 verses)
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Sanskrit Text
तत्रैकस्य
तु
भार्या
वै
वसोर्वासवविक्रम
।
सा
चरन्ती
वने
तस्मिन्गां
ददर्श
सुमध्यमा
।
या
सा
वसिष्ठस्य
मुनेः
सर्वकामधुगुत्तमा
॥
Padaccheda (Word Analysis)
तत्र + एक | तु | भार्या | वै | वसोर् | वासव + विक्रम
सा | चरन्ती | वने | तस्मिन् | गां | ददर्श | सुमध्यमा
या | सा | वसिष्ठस्य | मुनेः | सर्व + कामदुह् | उत्तमा
सा | चरन्ती | वने | तस्मिन् | गां | ददर्श | सुमध्यमा
या | सा | वसिष्ठस्य | मुनेः | सर्व + कामदुह् | उत्तमा