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Currently viewing: Parva 1 -
Chapter 1.63
(26 verses)
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Sanskrit Text
तोमरैरसिभिश्चापि
गदामुसलकर्पणैः
।
चचार
स
विनिघ्नन्वै
वन्यांस्तत्र
मृगद्विजान्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
तोमरैर् | असि + च + अपि | गदा + मुसल + कर्पण
चचार | स | विनिघ्नन् | वै | वन्य + तत्र | मृग + द्विज
चचार | स | विनिघ्नन् | वै | वन्य + तत्र | मृग + द्विज