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Currently viewing: Parva 1 -
Chapter 1.221
(21 verses)
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Sanskrit Text
कथमग्निर्न
नो
दह्यात्कथमाखुर्न
भक्षयेत्
।
कथं
न
स्यात्पिता
मोघः
कथं
माता
ध्रियेत
नः
॥
Padaccheda (Word Analysis)
कथम् | अग्निर् | न | नो | दह्यात् | कथम् | आखुर् | न | भक्षयेत्
कथं | न | स्यात् | पिता | मोघः | कथं | माता | नः
कथं | न | स्यात् | पिता | मोघः | कथं | माता | नः