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Currently viewing: Parva 1 -
Chapter 1.221
(21 verses)
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Sanskrit Text
नापश्यत्स्वधिया
मोक्षं
स्वसुतानां
तदानलात्
।
एवं
ब्रुवन्तीं
शार्ङ्गास्ते
प्रत्यूचुरथ
मातरम्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
न + पश् | स्व + धी | मोक्षं | स्व + सुत | तदा + अनल
एवं | ब्रुवन्तीं | शार्ङ्ग + तद् | प्रत्यूचुर् | अथ | मातरम्
एवं | ब्रुवन्तीं | शार्ङ्ग + तद् | प्रत्यूचुर् | अथ | मातरम्