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Currently viewing: Parva 1 -
Chapter 1.218
(50 verses)
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Sanskrit Text
शरैः
समन्ततः
सर्वं
खाण्डवं
चापि
पाण्डवः
।
छादयामास
तद्वर्षमपकृष्य
ततो
वनात्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
शरैः | समन्ततः | सर्वं | खाण्डवं | च + अपि | पाण्डवः
छादयामास | तद् | वर्षम् | अपकृष्य | ततो | वनात्
छादयामास | तद् | वर्षम् | अपकृष्य | ततो | वनात्