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Currently viewing: Parva 1 -
Chapter 1.188
(22 verses)
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Sanskrit Text
न
मे
वागनृतं
प्राह
नाधर्मे
धीयते
मतिः
।
वर्तते
हि
मनो
मेऽत्र
नैषोऽधर्मः
कथंचन
॥
Padaccheda (Word Analysis)
न | मे | वाग् | अनृतं | प्राह | न + अधर्म | धीयते | मतिः
वर्तते | हि | मनो | मे | ऽत्र | न + एतद् | ऽधर्मः | कथंचन
वर्तते | हि | मनो | मे | ऽत्र | न + एतद् | ऽधर्मः | कथंचन