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Currently viewing: Parva 1 -
Chapter 1.188
(22 verses)
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Sanskrit Text
ततो
मुहूर्तान्मधुरां
वाणीमुच्चार्य
पार्षतः
।
पप्रच्छ
तं
महात्मानं
द्रौपद्यर्थे
विशां
पतिः
॥
Padaccheda (Word Analysis)
ततो | मुहूर्तान् | मधुरां | वाणीम् | उच्चार्य | पार्षतः
पप्रच्छ | तं | महात्मानं | द्रौपदी + अर्थ | विशां | पतिः
पप्रच्छ | तं | महात्मानं | द्रौपदी + अर्थ | विशां | पतिः