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Currently viewing: Parva 1 -
Chapter 1.188
(22 verses)
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Sanskrit Text
गुरोश्च
वचनं
प्राहुर्धर्मं
धर्मज्ञसत्तम
।
गुरूणां
चैव
सर्वेषां
जनित्री
परमो
गुरुः
॥
Padaccheda (Word Analysis)
गुरु + च | वचनं | प्राहुर् | धर्मं | धर्म + ज्ञ + सत्तम
गुरूणां | च + एव | सर्वेषां | जनित्री | परमो | गुरुः
गुरूणां | च + एव | सर्वेषां | जनित्री | परमो | गुरुः