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Currently viewing: Parva 1 -
Chapter 1.180
(22 verses)
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Sanskrit Text
ततस्तु
भीमोऽद्भुतवीर्यकर्मा;
महाबलो
वज्रसमानवीर्यः
।
उत्पाट्य
दोर्भ्यां
द्रुममेकवीरो;
निष्पत्रयामास
यथा
गजेन्द्रः
॥
Padaccheda (Word Analysis)
ततस् + तु | भीमो | अद्भुत + वीर्य + कर्मन् | महत् + बल | वज्र + समान + वीर्य
उत्पाट्य | दोर्भ्यां | द्रुमम् | एक + वीर | निष्पत्त्रयामास | यथा | गज + इन्द्र
उत्पाट्य | दोर्भ्यां | द्रुमम् | एक + वीर | निष्पत्त्रयामास | यथा | गज + इन्द्र