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Currently viewing: Parva 1 -
Chapter 1.180
(22 verses)
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Sanskrit Text
तान्गृहीतशरावापान्क्रुद्धानापततो
नृपान्
।
द्रुपदो
वीक्ष्य
संत्रासाद्ब्राह्मणाञ्शरणं
गतः
॥
Padaccheda (Word Analysis)
तान् | ग्रह् + शरावाप | क्रुद्धान् | आपततो | नृपान्
द्रुपदो | वीक्ष्य | संत्रासाद् | ब्राह्मणाञ् | शरणं | गतः
द्रुपदो | वीक्ष्य | संत्रासाद् | ब्राह्मणाञ् | शरणं | गतः