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Currently viewing: Parva 1 -
Chapter 1.172
(17 verses)
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Sanskrit Text
प्रजोच्छेदमिमं
मह्यं
सर्वं
सोमपसत्तम
।
अधर्मिष्ठं
वरिष्ठः
सन्कुरुषे
त्वं
पराशर
।
राजा
कल्माषपादश्च
दिवमारोढुमिच्छति
॥
Padaccheda (Word Analysis)
प्रजा + उच्छेद | इमं | मह्यं | सर्वं | सोमप + सत्तम
अधर्मिष्ठं | वरिष्ठः | सन् | कुरुषे | त्वं | पराशर
राजा | कल्माषपाद + च | दिवम् | आरोढुम् | इच्छति
अधर्मिष्ठं | वरिष्ठः | सन् | कुरुषे | त्वं | पराशर
राजा | कल्माषपाद + च | दिवम् | आरोढुम् | इच्छति