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Currently viewing: Parva 1 -
Chapter 1.172
(17 verses)
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Sanskrit Text
तं
वसिष्ठादयः
सर्वे
मुनयस्तत्र
मेनिरे
।
तेजसा
दिवि
दीप्यन्तं
द्वितीयमिव
भास्करम्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
तं | वसिष्ठ + आदि | सर्वे | मुनि + तत्र | मेनिरे
तेजसा | दिवि | दीप्यन्तं | द्वितीयम् | इव | भास्करम्
तेजसा | दिवि | दीप्यन्तं | द्वितीयम् | इव | भास्करम्