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Currently viewing: Parva 1 -
Chapter 1.158
(55 verses)
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Sanskrit Text
यदि
प्रीतेन
वा
दत्तं
संशये
जीवितस्य
वा
।
विद्या
वित्तं
श्रुतं
वापि
न
तद्गन्धर्व
कामये
॥
Padaccheda (Word Analysis)
यदि | प्रीतेन | वा | दत्तं | संशये | जीवितस्य | वा
विद्या | वित्तं | श्रुतं | वा + अपि | न | तद् | गन्धर्व | कामये
विद्या | वित्तं | श्रुतं | वा + अपि | न | तद् | गन्धर्व | कामये