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Currently viewing: Parva 1 -
Chapter 1.158
(55 verses)
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Sanskrit Text
अङ्गेमं
प्रतिपद्यस्व
गच्छ
गन्धर्व
मा
शुचः
।
प्रदिशत्यभयं
तेऽद्य
कुरुराजो
युधिष्ठिरः
॥
Padaccheda (Word Analysis)
अङ्ग + इदम् | प्रतिपद्यस्व | गच्छ | गन्धर्व | मा | शुचः
प्रदिश् + अभय | ते | ऽद्य | कुरु + राज | युधिष्ठिरः
प्रदिश् + अभय | ते | ऽद्य | कुरु + राज | युधिष्ठिरः