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Currently viewing: Parva 1 -
Chapter 1.158
(55 verses)
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Sanskrit Text
त्राहि
त्वं
मां
महाराज
पतिं
चेमं
विमुञ्च
मे
।
गन्धर्वीं
शरणं
प्राप्तां
नाम्ना
कुम्बीनसीं
प्रभो
॥
Padaccheda (Word Analysis)
त्राहि | त्वं | मां | महत् + राज | पतिं | च + इदम् | विमुञ्च | मे
गन्धर्वीं | शरणं | प्राप्तां | नाम्ना | कुम्भीनसीं | प्रभो
गन्धर्वीं | शरणं | प्राप्तां | नाम्ना | कुम्भीनसीं | प्रभो