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Currently viewing: Parva 1 -
Chapter 1.158
(55 verses)
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Sanskrit Text
शिरोरुहेषु
जग्राह
माल्यवत्सु
धनंजयः
।
भ्रातॄन्प्रति
चकर्षाथ
सोऽस्त्रपातादचेतसम्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
शिरोरुहेषु | जग्राह | माल्यवत्सु | धनंजयः
भ्रातॄन् | प्रति | कृष् + अथ | सो | अस्त्र + पात | अचेतसम्
भ्रातॄन् | प्रति | कृष् + अथ | सो | अस्त्र + पात | अचेतसम्