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Currently viewing: Parva 1 -
Chapter 1.158
(55 verses)
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Sanskrit Text
इत्युक्त्वा
पाण्डवः
क्रुद्धो
गन्धर्वाय
मुमोच
ह
।
प्रदीप्तमस्त्रमाग्नेयं
ददाहास्य
रथं
तु
तत्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
इति + वच् | पाण्डवः | क्रुद्धो | गन्धर्वाय | मुमोच | ह
प्रदीप्तम् | अस्त्रम् | आग्नेयं | दह् + इदम् | रथं | तु | तत्
प्रदीप्तम् | अस्त्रम् | आग्नेयं | दह् + इदम् | रथं | तु | तत्