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Currently viewing: Parva 1 -
Chapter 1.155
(52 verses)
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Sanskrit Text
भयापहो
राजपुत्रः
पाञ्चालानां
यशस्करः
।
राज्ञः
शोकापहो
जात
एष
द्रोणवधाय
वै
।
इत्युवाच
महद्भूतमदृश्यं
खेचरं
तदा
॥
Padaccheda (Word Analysis)
भय + अपह | राजन् + पुत्र | पाञ्चालानां | यशस्करः
राज्ञः | शोक + अपह | जात | एष | द्रोण + वध | वै
इति + वच् | महद् | भूतम् | अदृश्यं | खेचरं | तदा
राज्ञः | शोक + अपह | जात | एष | द्रोण + वध | वै
इति + वच् | महद् | भूतम् | अदृश्यं | खेचरं | तदा