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Currently viewing: Parva 1 -
Chapter 1.155
(52 verses)
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Sanskrit Text
ज्येष्ठो
भ्राता
ममागृह्णाद्विचरन्वननिर्झरे
।
अपरिज्ञातशौचायां
भूमौ
निपतितं
फलम्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
ज्येष्ठो | भ्राता | मद् + ग्रह् | विचरन् | वन + निर्झर
अपरिज्ञात + शौच | भूमौ | निपतितं | फलम्
अपरिज्ञात + शौच | भूमौ | निपतितं | फलम्