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Currently viewing: Parva 1 -
Chapter 1.150
(27 verses)
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Sanskrit Text
तस्य
व्यवसितस्त्यागो
बुद्धिमास्थाय
कां
त्वया
।
कच्चिन्न
दुःखैर्बुद्धिस्ते
विप्लुता
गतचेतसः
॥
Padaccheda (Word Analysis)
तस्य | व्यवसा + त्याग | बुद्धिम् | आस्थाय | कां | त्वया
कच्चिन् | न | दुःखैर् | बुद्धि + त्वद् | विप्लुता | गम् + चेतस्
कच्चिन् | न | दुःखैर् | बुद्धि + त्वद् | विप्लुता | गम् + चेतस्