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Currently viewing: Parva 1 -
Chapter 1.117
(33 verses)
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Sanskrit Text
सुखिनी
सा
पुरा
भूत्वा
सततं
पुत्रवत्सला
।
प्रपन्ना
दीर्घमध्वानं
संक्षिप्तं
तदमन्यत
॥
Padaccheda (Word Analysis)
सुखिनी | सा | पुरा | भूत्वा | सततं | पुत्र + वत्सल
प्रपन्ना | दीर्घम् | अध्वानं | संक्षिप्तं | तद् | अमन्यत
प्रपन्ना | दीर्घम् | अध्वानं | संक्षिप्तं | तद् | अमन्यत