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Currently viewing: Parva 1 -
Chapter 1.116
(31 verses)
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Sanskrit Text
तत
एनां
बलाद्राजा
निजग्राह
रहोगताम्
।
वार्यमाणस्तया
देव्या
विस्फुरन्त्या
यथाबलम्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
तत | एनां | बलाद् | राजा | निजग्राह | रहोगताम्
वारय् + तद् | देव्या | विस्फुरन्त्या | यथाबलम्
वारय् + तद् | देव्या | विस्फुरन्त्या | यथाबलम्