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Currently viewing: Parva 1 -
Chapter 1.116
(31 verses)
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Sanskrit Text
रहस्यात्मसमां
दृष्ट्वा
राजा
राजीवलोचनाम्
।
न
शशाक
नियन्तुं
तं
कामं
कामबलात्कृतः
॥
Padaccheda (Word Analysis)
रहस् + आत्मन् + सम | दृष्ट्वा | राजा | राजीव + लोचन
न | शशाक | नियन्तुं | तं | कामं | काम + बलात्कृत
न | शशाक | नियन्तुं | तं | कामं | काम + बलात्कृत