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Currently viewing: Parva 1 -
Chapter 1.116
(31 verses)
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Sanskrit Text
अहं
ज्येष्ठा
धर्मपत्नी
ज्येष्ठं
धर्मफलं
मम
।
अवश्यं
भाविनो
भावान्मा
मां
माद्रि
निवर्तय
॥
Padaccheda (Word Analysis)
अहं | ज्येष्ठा | धर्मपत्नी | ज्येष्ठं | धर्म + फल | मम
अवश्यं | भाविनो | भावान् | मा | मां | माद्रि | निवर्तय
अवश्यं | भाविनो | भावान् | मा | मां | माद्रि | निवर्तय