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Currently viewing: Parva 1 -
Chapter 1.114
(66 verses)
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Sanskrit Text
तं
तोषयित्वा
तपसा
पुत्रं
लप्स्ये
महाबलम्
।
यं
दास्यति
स
मे
पुत्रं
स
वरीयान्भविष्यति
।
कर्मणा
मनसा
वाचा
तस्मात्तप्स्ये
महत्तपः
॥
Padaccheda (Word Analysis)
तं | तोषयित्वा | तपसा | पुत्रं | लप्स्ये | महत् + बल
वयो | दास्यति | ते | पुत्रो | यः | स | राजा | भविष्यति
कर्मणा | मनसा | वाचा | ब्रह्म | सम्पद्यते | तदा
वयो | दास्यति | ते | पुत्रो | यः | स | राजा | भविष्यति
कर्मणा | मनसा | वाचा | ब्रह्म | सम्पद्यते | तदा