Verse 1
View Details
संवत्सराहिते
गर्भे
गान्धार्या
जनमेजय
।
आह्वयामास
वै
कुन्ती
गर्भार्थं
धर्ममच्युतम्
॥
View Padaccheda
ततः | पुत्र + शत | जज्ञे | गान्धार्यां | जनमेजय
आह्वयामास | वै | कुन्ती | गर्भ + अर्थ | धर्मम् | अच्युतम्
आह्वयामास | वै | कुन्ती | गर्भ + अर्थ | धर्मम् | अच्युतम्