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Currently viewing: Parva 1 -
Chapter 1.112
(34 verses)
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Sanskrit Text
व्युषिताश्व
इति
ख्यातो
बभूव
किल
पार्थिवः
।
पुरा
परमधर्मिष्ठः
पूरोर्वंशविवर्धनः
॥
Padaccheda (Word Analysis)
व्युषिताश्व | इति | ख्यातो | बभूव | किल | पार्थिवः
पुरा | परम + धर्मिष्ठ | पूरोर् | वंश + विवर्धन
पुरा | परम + धर्मिष्ठ | पूरोर् | वंश + विवर्धन