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Currently viewing: Parva 1 -
Chapter 1.112
(34 verses)
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Sanskrit Text
इमां
च
तावद्धर्म्यां
त्वं
पौराणीं
शृणु
मे
कथाम्
।
परिश्रुतां
विशालाक्ष
कीर्तयिष्यामि
यामहम्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
इमां | च | तावद् | धर्म्यां | त्वं | पौराणीं | शृणु | मे | कथाम्
परिश्रुतां | विशाल + अक्ष | कीर्तयिष्यामि | याम् | अहम्
परिश्रुतां | विशाल + अक्ष | कीर्तयिष्यामि | याम् | अहम्