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Currently viewing: Parva 1 -
Chapter 1.112
(34 verses)
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Sanskrit Text
स्वर्गं
मनुजशार्दूल
गच्छेयं
सहिता
त्वया
।
अपत्याय
च
मां
गच्छ
त्वमेव
कुरुनन्दन
॥
Padaccheda (Word Analysis)
स्वर्गं | मनुज + शार्दूल | गच्छेयं | सहिता | त्वया
अपत्याय | च | मां | गच्छ | त्वम् | एव | कुरु + नन्दन
अपत्याय | च | मां | गच्छ | त्वम् | एव | कुरु + नन्दन