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Currently viewing: Parva 1 -
Chapter 1.112
(34 verses)
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Sanskrit Text
दर्शयस्व
नरव्याघ्र
साधु
मामसुखान्विताम्
।
दीनामनाथां
कृपणां
विलपन्तीं
नरेश्वर
॥
Padaccheda (Word Analysis)
दर्शयस्व | नर + व्याघ्र | साधु | माम् | असुख + अन्वित
दीनाम् | अनाथां | कृपणां | विलपन्तीं | नरेश्वर
दीनाम् | अनाथां | कृपणां | विलपन्तीं | नरेश्वर