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Currently viewing: Parva 1 -
Chapter 1.112
(34 verses)
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Sanskrit Text
नारी
परमधर्मज्ञ
सर्वा
पुत्रविनाकृता
।
पतिं
विना
जीवति
या
न
सा
जीवति
दुःखिता
॥
Padaccheda (Word Analysis)
नारी | परम + धर्म + ज्ञ | सर्वा | पुत्र + विनाकृत
पतिं | विना | जीवति | या | न | सा | जीवति | दुःखिता
पतिं | विना | जीवति | या | न | सा | जीवति | दुःखिता